बीती बातें भूल जाएँ, इस बरस,
हर कलि मुस्कुराए, इस बरस,
ना किसी का आशियाना उजड़े,
बस, रोशनी ही नज़र आये, इस बरस.

भारत ही भारत नाम हो, इस दुनिया में,
सबके मन में राम हो, इस दुनिया में,
सीता का न ही हरण हो, और न वनवास हो,
“आतंक की लंका” जीत जाये, इस बरस.

“राष्ट्रीय गान” की आवाज़ हम सुनते रहे,
“महात्मा गाँधी” जैसी क्रांति को चुनते रहे,
“धीरू भाई” जैसी मौज फिर से आएगी,
“हमारी Hockey टीम” फिर सरताज होगी, इस बरस.

बच्चो के कंधो से हो थोडा बोझ कम,
नाचे गाये हस्ते जाए हर कदम,
यह आने वाला कल है इतना जान लो,
इन्हें भूल से भी ना रुलाये, इस बरस.

बेटियों और बहुओं का आदर हो,
हर गरीब के सर पर चादर हो,
हमारा देश फिर सोने की चिड़िया कहलायेगा,
तिरंगा फिर ऊंचा लहराएगा, इस बरस.

दिल से दिल की बात को खुलकर कहें,
दुश्मनी दिल में न हो, हम मिलकर रहे,
जहाँ भी हो अमन की बात हो,
सरहद पार से कोई ख़त आये, इस बरस.

Love - Rohit..

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